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Monday, February 12, 2018

यूपीएस (UPS ) एवं कार्यप्रणाली



UPS - UPS का पूरा नाम अबाधित विद्युत आपूर्ति (Uninterruptible Power Supply) है । UPS ऐसा यंत्र है जो कंप्यूटर के साथ जोड़ा जाता है और कंप्यूटर को विधुत पॉवर के जाने के बाद भी कुछ देर के लिए काम करने की सुविधा देता है. साथ ही ये आपके कंप्यूटर को बिजली के तेज आवेग से भी बचाता है. यह बैटरी से संचालित उपकरण है जिसके द्वारा कम्प्यूटर में अनवरत विद्युत आपूर्ति बनी रहती है । यह कंप्यूटर को तब पॉवर देता है जब अचानक मुख्य सप्लाई से पॉवर कट जाती है ।यह एक ऐसा उपकरण होता है जो विद्युत से चलने वाले किसी उपकरण को उस स्थिति में भी सीमित समय के लिये विद्युत की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करता है जब आपूर्ति के मुख्य स्रोत (मेन्स) से विद्युत आपूति उपलब्ध नहीं होती।

यूपीएस के अन्दर एक बैटरी लगी होती है जो की 20-40 मिनट तक पॉवर दे सकती है । इससे हमें यह लाभ होता है कि जब मुख्य सप्लाई से पॉवर आनी बन्द हो जाती है उस समय हम कंप्यूटर को ढंग से बन्द कर सकते हैं ।

यूपीएस कई प्रकार के बनाये जाते हैं और सीमित समय के लिये आपूर्ति उपलब्ध कराने के अलावा ये कुछ और भी काम कर सकते हैं - जैसे वोल्टता-नियंत्रण, आवृत्ति-नियंत्रण, शक्ति गुणांक वर्धन एवं उसकी गुणवत्ता को बेहतर करके उपकरण को देना, आदि। यूपीएस में उर्जा-संचय करने का कोई एक साधन होता है, जैसे बैटरी, तेज गति से चालित फ्लाईह्वील, आवेशित किया हुआ संधारित्र या एक अतिचालक कुण्डली में प्रवाहित अत्यधिक धारा। यूपीएस, सहायक ऊर्जा-स्रोत जैसे- स्टैण्ड-बाई जनरेटर आदि से इस मामले में भिन्न हैं कि विद्युत जाने पर वे सम्बन्धित उपकरण को मिलने वाली विद्युत में नगण्य समय के लिये व्यवधान करते हैं जिससे उस उपकरण के काम में बाधा या रूकावट नहीं आती। यूपीएस का उपयोग कम्प्यूटरों, आंकड़ा केन्द्र, संचार उपकरणों, आदि के साथ प्राय: किया जाता है जहाँ कि विद्युत जाने से कोई दुर्घटना हो सकती है; महत्त्वपूर्ण आंकड़े नष्ट होने का डर हो; व्यापार का नुकसान आदि हो सकता हो।

 UPS ऐसा यंत्र है जो कंप्यूटर के साथ जोड़ा जाता है और  कंप्यूटर को विधुत पॉवर के जाने के बाद भी कुछ देर के लिए काम करने की सुविधा देता है. साथ ही ये  कंप्यूटर को बिजली के तेज आवेग से भी बचाता है. UPSके अंदर एक बैटरी होती है जो तब काम करना शुरू करती है जब आपका कंप्यूटर विधुत से संपर्क खो देता है. अगर आप अपने कंप्यूटर में UPS का इस्तेमाल करते हो तो विधुत के जाने के बाद भी इससे आपको इतना समय मिल जाता है कि आप अपने डॉक्यूमेंट को या जो आप काम कर रहे होते हो उसे अपने कंप्यूटर में सुरक्षित कर सको. 

UPS के कार्य प्रणाली 





UPS कंप्यूटर को 4 तरीको से सुरक्षा प्रदान करता है जो निम्नलिखित है –


१. कई बार आपके कंप्यूटर में विधुत का प्रवाह बहुत ज्यादा होता है तो उस वक़्त UPS विधुत के उस प्रवाह को सहन करके आपके कंप्यूटर तक उचित विधुत प्रवाहित करता है. तो इसके लिए UPS का आपके कंप्यूटर में होना आवश्क है.

२, कई बार ऐसा भी होता है जब विधुत का प्रवाह कम होता है और वो आपके कंप्यूटर के काम करने के लिए उचित नही होता है. क्योकि UPSएक ऐसा यंत्र है जो आपके कंप्यूटर को विधुत पॉवर सप्लाई करता है, तो उस स्थिति में भी ये आपके कंप्यूटर को उचित विधुत बना कर प्रवाहित करता है.

· ३. UPS को इस्तेमाल ही इसीलिए किया जाता है कि अचानक विधुत पॉवर के चले जाने के बाद आपको इतना समय मिल सके कि आप अपने कार्य को सेव कर सको.

·४. कई बार विधुत कभी कम हो जाती है और कभी ज्यादा इसी को पॉवर oscillation कहते है जिसका अर्थ है कि विधुत पॉवर का कम या ज्यादा होते रहना. इस स्थिति में कंप्यूटर को सबसे ज्यादा हानि पहुँच सकती है. इस स्थिति में कंप्यूटर का मदरबोर्ड भी ख़राब हो सकता है साथ ही आपके कंप्यूटर की डिस्प्ले को भी हानि पहुँचती है. किन्तु अगर कंप्यूटर के साथ में UPS लगा है तो ये कंप्यूटर को इस तरह के खतरों से भी बचाता है. 

UPS को दो तरीको से इस्तेमाल किया जाता है –

1. Continuous UPS – ये हमेशा कंप्यूटर के साथ जुडा रहता है और आपके कंप्यूटर की मेंन पॉवर सप्लाई की केबल इसी में लगती है और इसकी वायर आपके घर की विधुत के स्लॉट में. आपका कंप्यूटर अपने काम के दौरान इसी के द्वारा प्रवाहित की गई विधुत पर काम करता है और ये उस वक़्त मेंन विधुत से अपनी बैटरी चार्ज करता रहता है. जब विधुत अचानक चली जाती है तो आपको इसके काम करने को शुरू करने के लिए कोई बटन नही दबाना पड़ता बल्कि ये अपने आप ही काम करना शुरू कर देता है. इसीलिए इसे विधुत पॉवर के सोर्स ( Source ) के रूप में इस्तेमाल करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. ये आपको एक साफ़ और संतुलित विधुत प्रवाहित करके देता है.

2. Standby UPS : इनको पॉवर इन्वर्टर भी कहते हो. ये अपना काम तब शुरू करते है जब इनको महसूस होता है कि कंप्यूटर को या किसी बिजली से चलने वाले यंत्र को इसकी जरूरत है, उसकी के बाद ही ये अपना काम शुरू करता है. जब ये किसी कमी को पकड़ लेता है तो ये 5 मिली सेकंड के अंदर ही काम करना शुरू कर देता है. एक पॉवर इन्वर्टर DC पॉवर को AC पॉवर में बदल कर कार्य करता है. इसके कार्य करने से पहले कंप्यूटर आपके घर की विधुत पॉवर पर ही काम करता है. साथ ही इनकी कीमत Continuous UPS से कहीं अधिक होती है. इसकी कीमत का ज्यादा होना स्वाभाविक है क्योकि ये न सिर्फ आपके कंप्यूटर को ही पॉवर सप्लाई करता है बल्कि इससे आप अपने घर के बाकि कुछ और विधुत पर चलने वाले उपकरणों को जोड़ सकते हो. साथ ही ये कंप्यूटर को विधुत के जाने के बाद काम करने लिए 5 से 7 घंटे देता है और ये इसकी खास बात भी है.